भारत में 5 जून को दिखाई देगा लूनर एक्लिप्स, घर बैठे यहां देखे लाइव

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एक और चंद्र ग्रहण नज़दीक है और यह इस साल लगने वाले कुल चार चंद्रग्रहणों में दूसरा ग्रहण है। यह भारत समेत दुनिया के कई हिस्सों से दिखाई देगा। यह ग्रहण आंशिक रूप से चलने वाला एक ग्रहण होगा, जिसका अर्थ है कि चंद्रमा पृथ्वी की छाया के बाहरी भाग, जिसे पेनम्ब्रा कहा जाता है, के जरिए आगे बढ़ेगा। इस तरह के पेनुम्ब्रल ग्रहण को अक्सर सामान्य पूर्ण चंद्रमा मान लिया जाता है। इसे स्ट्राबेरी मून एक्लिप्स, मीड मून एक्लिप्स, हनी मून एक्लिप्स आदि नामों से भी जाना जाता है।
 

पेनुम्ब्रल चंद्रग्रहण क्या होता है?

एक लूनर एक्लिप्स (चंद्रग्रहण) तीन प्रकार के चंद्र ग्रहणों में से एक है – फुल, आंशिक और पेनुम्ब्रल। एक चंद्रग्रहण के दौरान, पृथ्वी सूर्य की कुछ रोशनी को सीधे चंद्रमा तक पहुंचने से रोकती है और पृथ्वी की छाया के बाहरी हिस्से को, जिसे पेनम्ब्रा कहा जाता है, चंद्रमा के सभी या कुछ भाग को कवर करता है। क्योंकि पृथ्वी की छाया के डार्क कोर की तुलना में पेनुम्ब्रा थोड़ा हल्का डार्क होता है, इसलिए इस ग्रहण को देखना मुश्किल है। यही कारण है कि कभी-कभी पेनुम्ब्रल लूनर एक्लिप्स को लोगों द्वारा पूर्ण चंद्रग्रहण मान लिया जाता है।
 

जून फुल मून या स्ट्रॉबैरी मून

Space.com की रिपोर्ट के अनुसार, जून का फुल मून 5 और 6 जून को पेनुमब्रल चंद्र ग्रहण के साथ आ रहा है और पूर्णिमा 6 जून को सुबह 12:42 बजे आईएसटी पर होगी। यह भारत और दुनिया के अन्य हिस्सों से दिखाई देगा, हालांकि, उत्तरी अमेरिका और अधिकांश दक्षिण अमेरिका इसे नहीं देख पाएंगे। जून में आने वाले फुल मून का नाम स्ट्रॉबेरी मून भी होता है, क्योंकि यह यूएस के कुछ हिस्से में स्ट्रॉबेरी की कटाई के मौसम के समय आता है।
 

जून 2020 का चंद्रग्रहण कब और कहां देखना है?

पेनुम्ब्रल चंद्रग्रहण 5 जून को रात 11:15 बजे शुरू होगा और 6 जून को सुबह 2:34 बजे तक चलेगा, जो लगभग तीन घंटे और 18 मिनट का है। यह पूर्वी अफ्रीका, मध्य पूर्व, दक्षिणी एशिया सहित भारत और ऑस्ट्रेलिया से दिखाई देगा। नासा के आंकड़ों के अनुसार, यह ग्रहण दक्षिण अमेरिका, पश्चिमी अफ्रीका और यूरोप के पूर्वी तट पर रहने वाले लोगों को मूनराइज़ के समय दिखेगा और जापान और न्यूजीलैंड के लोगों को मूनसेट के समय दिखाई देगा।

Lunar

 

पेनुम्ब्रल चंद्र ग्रहण कैसे देखें?

पेनुमब्रल चंद्र ग्रहण को देखना मुश्किल हो सकता है, लेकिन Slooh और Virtual Telescope सहित लोकप्रिय यूट्यूब चैनल ऐसी घटनाओं को लाइवस्ट्रीम करने के लिए जाने जाते हैं। वर्चुअल टेलीस्कोप प्रोजेक्ट 2.0 भी इस ग्रहण का एक लाइव वेबकास्ट दिखा सकता है, जिसे खगोलविज्ञानी Gianluca Masi द्वारा चलाया जाता है।